नोएडा की एआई महत्वाकांक्षा अब ज्यादा गंभीर चरण में है। बातचीत ब्रांडिंग से हटकर उन सवालों पर आ रही है जो तय करते हैं कि कोई टेक क्लस्टर टिकेगा या नहीं: प्रशिक्षित टीम, सप्लाई नेटवर्क, कनेक्टिविटी और स्थिर अनुपालन।
क्षेत्र को देखने वाले एग्जीक्यूटिव्स का कहना है कि नोएडा की सबसे बड़ी ताकत उसकी निकटता है। यहां नीति, एनसीआर बाजार और विश्वविद्यालय टैलेंट एक साथ उपलब्ध हैं।
लेकिन अगली परीक्षा धैर्य की है। वास्तविक टेक कॉरिडोर लगातार निष्पादन से बनते हैं, केवल घोषणाओं से नहीं।