लगातार कुछ हाई-विजिबिलिटी घटनाओं ने गाजियाबाद में पुलिसिंग, कॉरिडोर मैनेजमेंट और रिस्पॉन्स टाइम पर बहस तेज कर दी है।
लोग केवल ब्रीफिंग नहीं, बल्कि यह देखना चाहते हैं कि क्या चिन्हित हॉटस्पॉट लगातार कई हफ्तों तक सुरक्षित महसूस होते हैं। यही असली कसौटी है।
अब शहर को साबित करना होगा कि दिखने वाली कार्रवाई टिकाऊ व्यवस्था में बदल सकती है।