कानपुर के पानी संकट को अक्सर केवल कमी के रूप में देखा जाता है। जबकि अधिक गंभीर समस्या सिस्टम अनुशासन की है: लीकेज कंट्रोल, पंपिंग विश्वसनीयता, मोहल्ला-स्तरीय अनुक्रम और एजेंसियों का साझा संचालन।
इसीलिए नागरिकों का अनुभव अलग-अलग होता है। पास के दो इलाकों में भी पानी की उपलब्धता रखरखाव चक्र, लोकल प्रेशर और टैंक समन्वय के कारण अलग हो सकती है।
सबसे उपयोगी सार्वजनिक बातचीत केवल नई सप्लाई के वादे पर नहीं, बल्कि डिलीवरी के अनुशासन पर होनी चाहिए।