कानपुर को सत्ता केंद्रों से और भाषण नहीं चाहिए। उसे ऐसी सार्वजनिक जवाबदेही चाहिए जिसे लोग देख सकें, तुलना कर सकें और चुनौती दे सकें।
शहर का प्रबंधन लंबे समय तक घोषणा-आधारित रहा है, जबकि नागरिक शासन को नालियों, सड़कों, स्ट्रीट लाइट और मरम्मत की गति से महसूस करते हैं।
एक सिटी-फर्स्ट न्यूज़रूम का काम यही है: वादा दर्ज करो, नतीजा मापो और सार्वजनिक स्कोरकार्ड बनाओ।