कानपुर में मोबिलिटी प्लानिंग का अगला चरण एक अहम सवाल के साथ आगे बढ़ रहा है: शहर को तेज़ बनाना है, लेकिन ऐसा किए बिना कि पुराने इलाकों पर और ज्यादा दबाव पड़े।

अधिकारियों का कहना है कि नई रिवरफ्रंट लिंक्ड योजना में चोक प्वाइंट्स, बस इंटरचेंज अपग्रेड और बाजारों के पास सुरक्षित पैदल पहुंच पर फोकस रहेगा। खास बात यह है कि इसे केवल सड़क परियोजना नहीं बल्कि ड्रेनेज, लाइटिंग और प्रवर्तन के साथ जोड़ा जा रहा है।

लोगों के लिए असली सवाल डिलीवरी का है। कानपुर पहले भी बड़ी घोषणाएं सुन चुका है। इस बार भरोसा तभी बनेगा जब टाइमलाइन, जमीन प्रबंधन और वार्ड स्तर की दिक्कतों पर साफ संवाद हो।

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